Thursday, January 20, 2011

भूली हुयी दास्ताँ याद आ गयी

कुछ लिखने के प्रयास में कई कागज़ रंग डाले किन्तु नतीजा सिफ़र ही रहा. कारण क्रिएटिविटी का न होने से अधिक "..मरने वाला कोई जिंदगी चाहता हो जैसे..." वाला जज्बा नहीं रहा. बड़ी पत्रिकाओं /बड़े अख़बारों में प्रतिक्रियाएं छपी तो छोटों में  कहानी, कविता, लेख, यात्रा संस्मरण, समीक्षाएं भी प्रकाशित हुयी. लखनऊ में गंगोत्री संघटन और देहरादून में धाद की नींव डालने में अग्रणी रहा. साथ साथ अन्य सामाजिक संघटनों से भी जुड़ा किन्तु संघटनों से ही मोहभंग हो गया. (हाँ, पत्र-पत्रिकाओं और बुक्स के प्रति बेशक रुझान कभी कम नहीं हो पाया) हटकर  'बारामासा' का संपादन व प्रकाशन प्रारम्भ किया. परन्तु जैसा कि लघु पत्रिकाओं के साथ होता आया है बारामासा भी अनेक कारणों से निरंतर प्रकाशित नहीं हो पाई. 

बारामासा के जो प्रेरणास्रोत रहे या जिनका शारीरिक, आर्थिक या रचनात्मक स्तर पर सहयोग रहा तथा  जिनके आशीर्वाद से पत्रिका प्रकाशित हो पाई उनका मै शुक्रगुज़ार हूँ, अहसानमंद हूँ.उनमे प्रमुख हैं-  
         मुबई - स्व० अर्जुन सिंह गुसाईं (हिलांस), श्री केशर सिंह बिष्ट  दिल्ली - स्व० डॉ० गोविन्द चातक,  सर्व श्री नेत्र सिंह असवाल व रमन सिंह बुटोला   इलाहाबाद -श्री मोहन लाल बाबुलकर  पटना -डॉ० तारिक असलम 'तस्मीन'  देहरादून - सुश्री बिमला रावत, स्व० बुद्धि बल्लभ थपलियाल, स्व० डॉ० सुरेश खंडूड़ी, स्व० वीर सिंह ठाकुर, डॉ० शोभा राम शर्मा, सर्व श्री बाबू राम वर्मा, ज्ञानेंद्र कुमार, विद्या सागर नौटियाल, बलवीर सिंह पयाल, सुरेन्द्र भण्डारी, बलवीर सिंह पंवार, चन्दन सिंह नेगी, जितेन ठाकुर, भजन सिंह कलूड़ा, वीरेन्द्र कुमार, दीपक पोखरियाल, प्रीतम अपच्छ्याण, मोहन बंगाणी, जगदम्बा प्रसाद मैठाणी व भूमेश भारती, सुश्री वीणा पाणी जोशी, भारती पाण्डे व रानू बिष्ट. सर्व श्री अरुण भण्डारी, टी0 एस0 असवाल, विनोद नेगी, संजय डोभाल, देवेन्द्र प्रसाद जोशी, विजय पाल सिंह रावत व मदन डुकलान पौड़ी- सर्व श्री बी मोहन नेगी, नरेन्द्र सिंह नेगी, वीरेन्द्र पंवार, रवी रावत  गोपेश्वर - सर्व श्री नन्द किशोर हटवाल, देवेश जोशी, डॉ० सत्यानन्द बडोनी, जगमोहन पंवार 'जय' व लक्ष्मण सिंह नेगी  बालाघाट (म़० प्र0) - श्री आनंद बिल्थरे  उत्तरकाशी - डॉ० सुरेन्द्र सिंह मेहरा, सर्व श्री सुभाष  रावत, रविन्द्र सिंह चौहान व  उदय राम देवला  टिहरी -स्व0 डॉ0 महाबीर प्रसाद गैरोला, प्रोफेसर राकेश चन्द्र नौटियाल, सर्व श्री बिक्रम सिंह राणा, विजय सिंह पंवार, विजेंद्र राणा व महिपाल सिंह नेगी  धरपा(बुलंदशहर) -  श्री महावीर रवांल्टा  सहारनपुर - श्री दिगंबर दत्त थपलियाल व होशियार सिंह चौहान  मसूरी - सर्व श्री राम स्वरुप रौन्छेला व सुरेन्द्र पुंडीर  अल्मोड़ा - स्व० बलवंत सिंह मनराल, श्री सुरेन्द्र सिंह अधिकारी व सुश्री तनूजा पाण्डे  हल्द्वानी - सर्वश्री महेश जोशी व दीपेन्द्र सिंह चन्द  उदयपुर(राज0) - श्री दर्शन सिंह रावत  रुद्रप्रयाग - श्री चन्द्र बल्लभ पुरोहित आदि.             

12 comments:

  1. aap kosis kijiye ki
    ye patrika har mahine nhi to 3 mahine mai ek bar nikale
    or kripya ye bhi bataye ki mujhe ye patrika chahiye to kaha se milegi

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  2. Thanx Deepti jee,
    yah patrika lagbhag 9 saal pahle band ho gayee. .......... iske ank milna ab kaafi kathin hai. ..... naye sire se patrika prkashan ka koi khas irada nahee hai. ...... thanx again.

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  3. रावत जी आपने उपरोक्त में स्व श्री अर्जुन सिंह गुसाईं एवं आनंद विल्थरे का जिक्र किया है गुसाई जी से तो मेरा काफी परिचय रहा पत्राचार के माध्यम से . कुछ लेख व् कवितायेँ भी प्रकाशित हुई थी . आनंद विल्थरे जी भी हिलांस में प्रकाशित होते रहे बहुत सुन्दर लिखते हैं यदि कोई उनकी क्षणिकाए उपलब्ध हों तो अवश्य ब्लॉग पर डालें . बाकि निराश न हों

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  4. सुन्दर पोस्ट के लिए आभार.
    गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें।

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  5. Koi baat nahi subheer ji baaramasa band hua to kya hua? blog kya kam hai! iskee takat to international hai.. isee mein apna johar dikho do...hamari bhi shubhkamna hai bhaiya ki aap khoob naam kamao

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  6. धन्यवाद विजय जी, ब्लॉग पर आने व हौसलाफजाई के आभार........ उम्मीद है, आगे भी मार्गदर्शन करते रहेंगे.

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  7. आप साहस मत छोडिये दोबारा से बारामासा का प्रकाशन शुरू कीजिये। सफलता मिलेगी। आज कल नेट वर्किन्ग की वजह से लोगों का रुझान पत्र पत्रीकाओं मे कम हो रहा है प्रकाशन मंहगा हो गया है ये भी कारण हैं। शुभकामनायें।

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  8. बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
    ढेर सारी शुभकामनायें.

    संजय कुमार
    हरियाणा
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

    गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाइयाँ !!

    Happy Republic Day.........Jai HIND

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  9. This comment has been removed by the author.

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  10. दोबारा इसका प्रकाशन शुरु कीजिए। बढ़िया प्रस्तुति...

    गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएं।

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  11. सुबीर जी
    आप पत्रिका का प्रकाशन जारी रखें ...अगर मेरे लायक कोई सेवा हो तो जरुर अवगत करवा दीजियेगा .....शुक्रिया आपका

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  12. My family members always say that I am killing my time here at
    web, but I know I am getting knowledge daily by reading such nice articles.


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