Wednesday, January 02, 2013

प्रार्थना

जग को ज्योतिर्मय कर दो !
 

प्रिय कोमल-पद-गामिनि !
 

मन्द उतर-
 

जीवन्मृत तरु-तृण-गुल्मों की पृथ्वी पर,
 

हँस-हँस, निज पथ आलोकित कर
 

नूतन जीवन भर दो ! -
 

जग को ज्योतिर्मय कर दो !              
                         
                             -सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’
                                         (परिमल से)

5 comments:

  1. नव वर्ष 2013 की बधाई और मंगल कामना

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  2. निराला जी के शब्द बरबस मन को छूते हैं ...
    नव वर्ष मंगल मय हो ...

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  3. ✿♥❀♥❁•*¨✿❀❁•*¨✫♥
    ♥सादर वंदे मातरम् !♥
    ♥✫¨*•❁❀✿¨*•❁♥❀♥✿


    जग को ज्योतिर्मय कर दो !
    बहुत सुंदर प्रार्थना है...

    आदरणीय सुबीर रावत जी
    बहुत आभार आपका सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’जी की यह सुंदर रचना यहां प्रस्तुत करने के लिए ...

    आपके लिए भी नव वर्ष मंगल मय हो !

    साथ ही
    हार्दिक मंगलकामनाएं …
    लोहड़ी एवं मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर !

    राजेन्द्र स्वर्णकार
    ✿◥◤✿✿◥◤✿◥◤✿✿◥◤✿◥◤✿✿◥◤✿◥◤✿✿◥◤✿

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  4. नववर्ष के आगमन पर बहुत सुन्दर प्रस्तुति ..

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    Thanks!

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